शुक्रवार, 12 सितम्बर 2008


यूँ ही लम्हे गुजरते रहते हैं

एक यार के इंतजार में

ये लम्हे ही दिन और साल बन जाते हैं।

बस इंतजार में जो कभी हाथ नही आता है।

1 टिप्पणियाँ:

AMRIT_KARAM ने कहा…

i really liked the picture u have added. i wish for ur bright future.
thanks for visiting my blog